वर और वधू की जन्म-जानकारी डालें — 36 गुण मिलान, नाड़ी, भकूट, गण और मंगल दोष एक साथ
Google Maps पर जगह को देर तक दबाने (long-press) से अक्षांश/देशांतर मिल जाते हैं।
Google Maps पर जगह को देर तक दबाने (long-press) से अक्षांश/देशांतर मिल जाते हैं।
हरा = पूरे/अच्छे अंक, पीला = आंशिक अंक, लाल = शून्य अंक। वश्य और गण की सारणी में परंपराओं के बीच थोड़ा अंतर मिलता है, इसलिए अलग-अलग वेबसाइटों के अंक एक-दो अंक भिन्न हो सकते हैं।
कुंडली मिलान में वर और वधू की चंद्र राशि और जन्म नक्षत्र के आधार पर आठ कूट देखे जाते हैं: वर्ण (1), वश्य (2), तारा (3), योनि (4), ग्रह मैत्री (5), गण (6), भकूट (7) और नाड़ी (8)। इनके कुल 36 अंक होते हैं।
परंपरा में 18 से कम अंक को कमज़ोर, 18 से 24 को मध्यम, 25 से 32 को अच्छा और 33 से ऊपर को उत्तम माना जाता है। अंक अकेले निर्णय नहीं होते, इसलिए नाड़ी, भकूट, गण और मंगल दोष के साथ पूरी कुंडली भी देखनी चाहिए।