वृष लग्न

वृष लग्न वाला जातक सामान्यतः गुरु भक्त, प्रिय वक्ता, गुणवान तथा मधुर वाणी बोलने वाला होता है। ऐसे जातक गुणी, कर्मठ, धनवान, कंजूस प्रवृत्ति के, धैर्यवान तथा सभी लोगों के प्रिय माने जाते हैं। वृष लग्न का स्वामी शुक्र होता है। इनका शरीर बलिष्ठ, मुख आकर्षक, आंखें बड़ी, ललाट उन्नत तथा स्वभाव गंभीर होता है। ऐसे जातक कम मित्र बनाने वाले, अपने कार्यों में मस्त रहने वाले तथा अपनी धुन के पक्के होते हैं। अनुचित कार्यों पर शीघ्र क्रोधित हो जाते हैं। कला-संगीत में विशेष रुचि रखते हैं तथा हर समय नवीन कार्यों में लगे रहते हैं। अपनी हठ प्रवृत्ति के कारण दूसरों से कार्य करवाने में निपुण होते हैं। मन अत्यंत मजबूत होता है और आयु प्रायः लंबी मानी जाती है।

वृष लग्न का स्वामी शुक्र है। यदि शुक्र की स्थिति जन्म कुंडली में शुभ हो, तो जातक आयुष्मान, सुखी, धनवान तथा समस्त भौतिक सुखों को प्राप्त करने वाला होता है। किंतु यदि शुक्र अशुभ स्थिति में हो, तो प्रमेह, वीर्य विकार, मधुमेह, गुप्त रोग, हृदय रोग, भोग-विलास में अत्यधिक रुचि तथा व्यर्थ व्यय की प्रवृत्ति देखने को मिलती है।

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