मकर लग्न

मकर लग्न में जन्मा जातक गंभीर स्वभाव का, कर्मशील, बुद्धिमान तथा अपने कार्यों को पूरी लगन से करने वाला होता है। ऐसे जातक योजनाबद्ध तरीके से कार्य करना पसंद करते हैं और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहते हैं। स्वभाव में धैर्य, अनुशासन तथा जिम्मेदारी की भावना प्रमुख रहती है। ये लोग कम बोलने वाले, परंतु विचारों से मजबूत माने जाते हैं।

इनका शरीर प्रायः पतला, कद लंबा तथा व्यक्तित्व प्रभावशाली होता है। अपने कार्यों में सफलता प्राप्त करने के लिए कठिन परिश्रम करते हैं। कई बार जीवन में संघर्ष और बाधाओं का सामना भी करना पड़ता है, किंतु धैर्य और मेहनत के बल पर आगे बढ़ते रहते हैं। सामाजिक जीवन में सम्मान प्राप्त करने की इच्छा रखते हैं और अपने कर्तव्यों को गंभीरता से निभाते हैं।

ये जातक रहस्यमयी बातों, शोध कार्यों तथा नई योजनाओं में विशेष रुचि रखते हैं। किसी भी कार्य को करने से पहले उसके सभी पक्षों पर विचार करते हैं। स्वभाव से व्यावहारिक तथा संयमी होते हैं। कभी-कभी मन में उदासी या अकेलेपन की भावना भी बनी रहती है। परिवार तथा संबंधों के प्रति जिम्मेदारी निभाने वाले होते हैं।

मकर लग्न का स्वामी शनि ग्रह माना गया है। यदि जन्म कुंडली में शनि शुभ स्थिति में हो, तो जातक आयुष्मान, धैर्यवान, सम्मानित तथा कर्मशील होता है। वहीं शनि की अशुभ स्थिति होने पर जीवन में अधिक संघर्ष, मानसिक तनाव, देरी से सफलता तथा स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। विवाह में विलंब होने की संभावना भी रहती है।

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