धनु लग्न में जन्मा जातक नीतिमान, धार्मिक, बुद्धिमान तथा समाज में सम्मान प्राप्त करने वाला होता है। ऐसे जातक विचारशील, शांत स्वभाव के तथा ज्ञान और धर्म के प्रति विशेष रुचि रखने वाले होते हैं। विज्ञान, शिक्षा तथा मार्गदर्शन से जुड़े कार्यों में सफलता प्राप्त करते हैं। इनके व्यक्तित्व में गंभीरता और आकर्षण दोनों दिखाई देते हैं।
ये जातक सत्यप्रिय, न्यायप्रिय तथा स्पष्ट विचार रखने वाले होते हैं। अपने सिद्धांतों और नियमों का पालन पूरी निष्ठा से करते हैं। क्रोध आने पर कभी-कभी अत्यधिक कठोर व्यवहार भी कर बैठते हैं, किंतु सामान्य रूप से शांत और संतुलित स्वभाव रखते हैं। सामाजिक मर्यादाओं का सम्मान करते हैं तथा अनुशासनप्रिय होते हैं। नई बातों को शीघ्र सीखने और समझने की क्षमता रखते हैं।
भविष्य की योजनाएँ बनाने, गुप्त बातों को समझने तथा विभिन्न विषयों का अध्ययन करने में रुचि रखते हैं। स्वतंत्र विचारों वाले, आत्मविश्वासी तथा कर्मठ माने जाते हैं। किसी भी कार्य को पूरी लगन से करने का प्रयास करते हैं। कई प्रकार की विद्याओं का ज्ञान रखने वाले तथा लोगों को सही मार्ग दिखाने वाले होते हैं। धार्मिक कार्यों, यात्राओं तथा आध्यात्मिक विषयों में विशेष रुचि रखते हैं।
धनु लग्न का स्वामी बृहस्पति ग्रह माना गया है। यदि जन्म कुंडली में बृहस्पति शुभ स्थिति में हो, तो जातक भाग्यशाली, सम्मानित, विद्वान तथा सुखी जीवन व्यतीत करने वाला होता है। वहीं बृहस्पति की अशुभ स्थिति होने पर मानसिक तनाव, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ तथा निर्णय लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।