कुम्भ लग्न में जन्मा जातक गंभीर विचारों वाला, स्थिर मन का, बुद्धिमान, परिश्रमी तथा मधुर स्वभाव का होता है। ऐसे जातक अपने कार्यों को सोच-समझकर करने वाले तथा जीवन में नई योजनाएँ बनाने में रुचि रखने वाले होते हैं। इनका स्वभाव शांत, संयमी तथा सहनशील माना जाता है। समाज में लोगों की सहायता करने तथा सभी के साथ मिल-जुलकर रहने की भावना रखते हैं।
ये जातक प्रत्येक कार्य में नई युक्ति और विचार अपनाने का प्रयास करते हैं। कला, संगीत, विज्ञान तथा गुप्त विषयों को जानने में विशेष रुचि रखते हैं। कभी-कभी अकेलापन पसंद करते हैं और अपने विचारों को आसानी से दूसरों के सामने प्रकट नहीं करते। जीवन में संघर्षों और कठिनाइयों का सामना धैर्य तथा आत्मबल से करते हैं।
इनमें प्रेम भावना प्रबल होती है, किंतु दूसरों से जल्दी घुलना-मिलना पसंद नहीं करते। मित्र कम होते हैं, परंतु सच्चे और विश्वसनीय होते हैं। परिवार तथा समाज से सम्मान प्राप्त करने की इच्छा रखते हैं। यात्राओं का योग अधिक रहता है। भाई-बहनों के साथ संबंधों में कभी-कभी मतभेद भी देखने को मिल सकते हैं।
कुम्भ लग्न का स्वामी शनि ग्रह माना गया है। यदि जन्म कुंडली में शनि शुभ स्थिति में हो, तो जातक आयुष्मान, सम्मानित, बुद्धिमान तथा समाज में प्रतिष्ठा प्राप्त करने वाला होता है। वहीं शनि की अशुभ स्थिति होने पर मानसिक तनाव, अकेलापन, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ तथा वायु या नसों से संबंधित रोग होने की संभावना बनी रहती है।